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जिंक ने किया करोड़ो रूपयों का भूमि घोटाला जिंक ने किया करोड़ो रूपयों का भूमि घोटाला   देश की सुरक्षा की दृष्टी से बनी कंपनी मेटल मेटल कॉरपोरेशन ऑफ  इण्डिया (हिदुस्तान जिंक) के विनिवेश के मामले में सीबीआई कार्यालय जोधप... Read more
सरकारी खजाने पर डाका, विधवा एक पेंशन दो सरकारी खजाने पर डाका, विधवा एक पेंशन दो   चित्तौडग़ढ़। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी पेंशन योजनाओं में जरूरतमंदों को लाभ मिल रहा है या नहीं यह कहना तो मुश्किल है, लेकिन इतना जरूर ... Read more
मुस्लिम राष्ट्रीय मंच मुस्लिम राष्ट्रीय मंच मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के राष्ट्रीय संगठन संयोजक गुजरात में ज़मीनी स्तर पर ठोस कार्य करते हुए, साथ में सहसंयोजक श्री गनी कुरैशी जी भी है। Read more
 ब्रिक सम्मेलन में चीन के सामनें मनमोहन सिंह के मौन के मायनें? ब्रिक सम्मेलन में चीन के सामनें मनमोहन सिंह के मौन के मायनें?     मनमोहन सिंह क्यों मौन रहे चीन के सामनें?   पिछले दिनों हमारें प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह ने डरबन में ब्रिक्स शिखर... Read more
सलमान खुर्शीद किस देश के विदेश मंत्री हैं सलमान खुर्शीद किस देश के विदेश मंत्री हैं  लद्दाख में चीन की जन मुक्ति सेना की घुसपैठ और भारतीय क्षेत्र के बीस किलोमीटर ( पहले सूचना यह थी कि दस किलोमीटर के अन्दर) अन्दर आकर अपनी चौकिय... Read more
अनिल गोयल की ‘माँ: भाव यात्रा’ प्रदर्षनी अनिल गोयल की ‘माँ: भाव यात्रा’ प्रदर्षनी   4 से 7 अप्रैल तक उज्जैन की कालिदास वीथिका में उज्जैनवासी देख सकेंगे माता-पिता, बुज़ुर्गों पर केन्द्रित मार्मिक कविता पोस्टर प्... Read more
एक संविधान, फिर दो विधान क्यों? एक संविधान, फिर दो विधान क्यों? भारतीय संविधान का अनुच्छेद 14 चीख चीख कर कहता है कि भारत में सभी लोगों को कानून के समझ समान समझा जायेगा और सभी लोगों को कानून का समान संरक्षण प्राप... Read more
 नमो को हिटलर कहनें वाले पहले आपातकाल का स्मरण करें नमो को हिटलर कहनें वाले पहले आपातकाल का स्मरण करें   वर्तमान में चल रहे लोकसभा चुनाव पिछले सभी आम चुनावों से कई दृष्टियों से भिन्न भी हैं Read more
अल्पसंख्यक आयोग द्वारा ओडीशा में साम्प्रदायिक तनाव पैदा करने की साज़िश भारत सरकार का एक अल्पसंख्यक आयोग है । भारत सरकार का मानना है कि इस देश में अल्पसंख्यक सदा ख़तरे से घिरे रहते हैं । इस देश के लोग अल्पसंख्यकों को नष... Read more
जम्मू कश्मीर की अनकही कहा जम्मू कश्मीर की अनकही कहा जून और जुलाई का महीना भारत के राष्ट्रवादी आन्दोलन के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखता है । २३ जून १९५३ को डा० श्यामा प्रसाद मुखर्जी का श्रीनगर की ज... Read more
 रमज़ान सन्देश से लेकर कुत्ते के बच्चे के बीच भटकती सोनिया कांग्रेस रमज़ान सन्देश से लेकर कुत्ते के बच्चे के बीच भटकती सोनिया कांग्रेस रमज़ान का पवित्र महीना शुरु हो गया है । यह महीना हिजरी सम्वत का नौवाँ मास है और ईस्वी सम्वत के हिसाब से नौ जुलाई को शुरु हुआ है । इस महीने में मुसल... Read more
भारतीय भाषाओं का मोर्चा:गूँगे राष्ट्र को बोलने हेतु प्रेरित करने की लड़ाई अन्ततः दिल्ली पुलिस ने श्याम रुद्र पाठक को आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा १०५ और १०७ के अन्तर्गत गिरफ़्तार कर ही लिया । पाठक पिछले २२५ दिनों से स... Read more
खुली आंखों में सपने रातें बीयर बार के हवाले खुली आंखों में सपने रातें बीयर बार के हवाले मुंबई। आठ वर्षों से रोजी रोटी के संकट से झुझ रही बार बालाओं के 'डांस बारÓ को लेकर उच्चन्यायालय के फैसले ने बार बालाओं की चमक लौटा दी ... Read more
पिता के बाद पुत्र का कारनामा पिता के बाद पुत्र का कारनामा पीडि़त महिला फरियाद लेकर पहुंची पुलिस की शरण में इंदौर। आसाराम के बाद अब उनका लड़का नारायण सांई के खिलाफ भी एक परिवाद पेश किया जा रहा है। यह पर... Read more
औंकारेश्वर में बाबा बनाम डकैत-४ औंकारेश्वर में बाबा बनाम डकैत-४ जिसने सहयोग किया उसी की पीठ पर छूरा घोपा संजय ने नकली बाबा के कारनामों से लोगों में भारी रोष औंकारेश्वर। मां नर्मदा बने एक आश्रम में बने चौ... Read more
आष्टा,सिहोर,गुना के लीडरों से कड़ी पूछताछ जरुरी आष्टा,सिहोर,गुना के लीडरों से कड़ी पूछताछ जरुरी राधेश्याम सोलंकी,भरत ठाकुर, जयंत जोशी,अशोक पाटीदार,हेमंत चतुर्वेदी,मनीष जैन कर रहे हैं एसटीएफ को  गुमराह भोपाल। ईवमिरेकल ज्वेलर्स कंपनी... Read more
क्विंटलों व किलो से सोना है आडवाणी व आर.के.धवन के पास  क्विंटलों व किलो से सोना है आडवाणी व आर.के.धवन के पास जगदीश जोशी 'प्रचंड  ' नई दिल्ली। काला धन स्वीस बैंक में जमा होने व नेताओं को घेरने की बात पर आंदोलन खड़ा कर 'आप ' के सर्वेसर... Read more
दो लाख करोड़ का खनन घोटाला दो लाख करोड़ का खनन घोटाला देवास जिले में रेत माफिया का राज भोपाल। शिवराज के राज में माइनिंग माफिया ने बेल्लारी की लूट के रिकार्ड भी तोड़ दिए हैं। बीते 10 साल में मप्र... Read more
कांग्रेस गुटबाजी में तो भाजपा मंत्री विधायकों के आचरण और भ्रष्टाचार को लेकर कठघरे में कांग्रेस गुटबाजी में तो भाजपा मंत्री विधायकों के आचरण और भ्रष्टाचार को लेकर कठघरे में भोपाल। इस बार के चुनाव में मध्यप्रदेश पर कांग्रेस आलाकमान की विशेष निगाह है Read more
मध्यप्रदेश शासन द्वारा वरिष्ठ पत्रकारों को श्रद्धनिधि देने का कार्यक्रम इंदौर प्रेस क्लब में संपन्न हुआ। मध्यप्रदेश शासन द्वारा वरिष्ठ पत्रकारों को श्रद्धनिधि देने का कार्यक्रम इंदौर प्रेस क्लब में संपन्न हुआ। मध्यप्रदेश शासन द्वारा वरिष्ठ पत्रकारों को श्रद्धनिधि देने का कार्यक्रम इंदौर प्रेस क्लब में संपन्न हुआ। Read more
जिंदा इंसान को बनाया मुर्दा जिंदा इंसान को बनाया मुर्दा   पीडि़त सुरतानसिंह राजेस पयासी (वकील) यदि ऐसा मा... Read more
औंकारेश्वर में बाबा बनाम डकैत -2 औंकारेश्वर में बाबा बनाम डकैत -2 करोड़ों की जमीन से आया रुपया ब्याजखोरी में लगाया औंकारेश्वर। लाखों रुपया एठने वाले औंकारेश्वर के कथित Read more
देवास में की गई शिकायत से खुल सकता है लीडरों का मायाजाल देवास में की गई शिकायत से खुल सकता है लीडरों का मायाजाल ठगौरों का महानगर बनते जा रहे इंदौर में प्रशासन कोई खास कार्यवाही नहीं कर पाया अलबत्ता Read more
देवास,सिहोर पुलिस कप्तान की नजरों से ओझल दगाबाज लीडर देवास,सिहोर पुलिस कप्तान की नजरों से ओझल दगाबाज लीडर आखिर यह भरत ठाकुर,बाबूलाल जयंत,मनीष कौन है? राधेश्याम सोलंकी,         Read more
मेडम मोहिनी की माया... मेडम मोहिनी की माया... मेडम मोहिनी की माया... उत्कृष्ट को सजा और... निकृष्ट को  आशीर्वाद की छाया   -सेवानिवृत को भी बना  दिया संकुल प्रभारी  ... Read more
हिन्दूस्तान समाजवादी प्रजातंत्र सेना के पत्र से सनसनी हिन्दूस्तान समाजवादी प्रजातंत्र सेना के पत्र से सनसनी अमिताभ,मुलायमसिंह और सोनिया के पास है क़्वींटल सोना! आप पार्टी के सर्वे सर्वा अरविन्द केजरीवाल व योग गुरु बाबा रामदेव पर अपनी-अपनी दुकान चमकाने... Read more
सुविधाएं बेजार, यात्री लाचार सुविधाएं बेजार, यात्री लाचार निर्धारित किराए से अधिक वसूली होती है निजी बसों में (रतलाम कार्यालय) रतलाम । एक दशक पहले प्रदेश में सड़क परिवहन निगम की बसें बंद होने के बाद ... Read more
सोने की चाह लगाने वालो नई लगाया चुना सोने की चाह लगाने वालो नई लगाया चुना राधेश्याम सोलंकी, भरत, जयंत जोशी  मनीष जैन एसटीएफ के निशाने पर..   जगदीश जोशी 'प्रचंड ' भोपाल। आम आदमी को फटाफट अम... Read more
मेंडम नें मंगाई रिश्वत मेंडम नें मंगाई रिश्वत मेंडम नें मंगाई रिश्वत युवक से अनुकंपा नियुक्ति के नाम पर ले रहा था पांच हजार की रिश्वत, आदिवासी विकास विभाग की सहायक आयुक्त भी संदेह के घेरे ... Read more
कांग्रेस बेलगाम, दर्जनों दावेदार कांग्रेस बेलगाम, दर्जनों दावेदार  कांग्रेस बेलगाम, दर्जनों दावेदार बड़े नेताओं का अभाव दूसरा पंक्ति में नेताओं की कतार रतलाम से अनिल पांचाल विधानसभा चुनाव सिर पर है... Read more
पुँछ में पाकिस्तानी हमला और रक्षामंत्री का आचरण पुँछ में पाकिस्तानी हमला और रक्षामंत्री का आचरण जम्मू कश्मीर में पुँछ सेक्टर में पाकिस्तानी सैनिकों ने पांच और छह अगस्त की मध्य रात्रि को नियंत्रण रेखा के भीतर गश्त लगा रही भारतीय सैनिक टुकड़ी पर... Read more
कांग्रेस और भाजपा में नम्बर वन की तलाश कांग्रेस और भाजपा में नम्बर वन की तलाश रतलाम से अनिल कुमार रतलाम। हाल ही में जनता को लम्बे समय के बाद दर्शन देकर लौटे प्रदेश के मुख्यमंत्री ने लगभग शहर विधानसभा क्षेत्र में चुनावी बि... Read more
आहत जनता का आक्रोश भी अब जरूरी आहत जनता का आक्रोश भी अब जरूरी 67 वां स्वाधीनता दिवस स्वतंत्रता दिवस की क्रमवार गिनती में एक और वर्ष का इजाफा,सबकुछ भुलकर जश्न मनाने का एक और भारतीय दिन...लेकिन क्या सही म... Read more
तिब्बत के भीतर आजादी का आंदोलन तिब्बत के भीतर आजादी का आंदोलन तिब्बत के भीतर आजादी का आंदोलन कभी समाप्त नहीं हुआ। कभी प्रत्यक्ष और कभी प्रच्छन्न उसकी तपश बीजिंग तक पहुंचती ही रही। 2009 में स्वतंत्रता के लिए सं... Read more
तिब्बत की आजादी में भारत की सुरक्षा तिब्बत की आजादी में भारत की सुरक्षा नई दिल्ली। भारत तिब्बत सहयोग मंच की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक नई दिल्ली स्थित दीन दयाल शोंध संस्थान में आयोजित हुई जिसमें 19 प्रांतों क... Read more
तिब्बतःएक अवलोकन तिब्बतःएक अवलोकन क्षेत्रफल : २५ लाख वर्ग कि० मी० जो वर्तमान चीन के कुल क्षेत्रफल का २६.०४ प्रतिशत हैं। राजधानी : ल्हासा जनसंख्या : ६० ला... Read more
आरएसएस को राम मंदिर बनाने का अधिकार नहीं आरएसएस को राम मंदिर बनाने का अधिकार नहीं    'आरएसएस को राम मंदिर बनाने का अधिकार नहीं' भोपाल। आरएसएस अथवा किसी ऐसे दलको अयोध्या में भगवान राम का... Read more
चुनाव पूर्व गोविंदाचार्य खेल सकते है नया दांव चुनाव पूर्व गोविंदाचार्य खेल सकते है नया दांव नई दिल्ली । आगामी लोकसभा चुनाव में सत्त्ता सुख भोगने का सपना सजाए बैठी भाजपा की राह में रोडे अटकाने वालों की कमी नहीं है। भाजपा का अंतरकलह पार... Read more
पत्रकारिता से मीडिया तक वरिष्ठ पत्रकार मनोज कुमार की नई किताब पत्रकारिता से मीडिया तक वरिष्ठ पत्रकार मनोज कुमार की नई किताब वर्तमान में पत्रकारिता हाशिये पर है और मीडिया शब्द चलन में है.पत्रकारिता के गूढ़ अर्थ और मीडिया की व्यापकता को रेखांकित करता मध्यप्रदेश क... Read more
राम की मर्यादा कृष्ण का कर्म और कुसुम की खुशबु है मंत्री कुसमरिया में राम की मर्यादा कृष्ण का कर्म और कुसुम की खुशबु है मंत्री कुसमरिया में देखने, सुनने और बतियाने के बाद किसी भी एंगल से वे राजनेता नहीं लगते। कपाल पर बड़ा सा सिंदूरी टीका, सिर और दाड़ी के रंगे हुए सुनहरी काले गहरे ब... Read more
कॉलोनाइजर पर 1.13 करोड़ का जुर्माना कॉलोनाइजर पर 1.13 करोड़ का जुर्माना धार :बगैरअनुमति कालोनी विकास करने वालों कालोनाईजरों पर राज्य सरकार और जिला प्रशासन की गाज लगातार गिर रही है। इसी कड़ी में धार शहर में बगैर विक... Read more
जब आस्था में लगे सेक्स व हुस्न के तड़के! जब आस्था में लगे सेक्स व हुस्न के तड़के! नई दिल्ली: धर्म की आड़ में लोगों को धोखा देना आज के समय में काफी आसान है, क्योंकि हम देशवासी दिमाग से नहीं बल्कि दिल से धर्म को जोड़कर रखते है... Read more
ये कांग्रेस के कुंभकर्ण है ये कांग्रेस के कुंभकर्ण है   इंदौर।मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया प्रदेष कांग्रेस में जान फंकने में लगे है लेकिन प्रदेष के कई पदाधिकारियों... Read more
अब भी सुलग रहा है भोजशाला मसला अब भी सुलग रहा है भोजशाला मसला अब भी सुलग रहा है भोजशाला मसलाएत पंचमी के दिन धार जिले की भोजशाला में हंगामे और उपद्रव के बीच पूजा के साथ नमाज अता फरमाने की रस्म पूरी हो जाने पर म... Read more
बोले तो आसाराम बोले तो आसाराम 90 के दशक में धर्मप्रेमी जनता के लिए आशा की किरण बन कर उभरे आसाराम बापू एक दशक बाद ही बदनामी के दाग अपनी आभा पर लगवा चुके हैं। आश्रम में बच्चो... Read more
बेटियों की 'देह' पर जिंदा समाज बेटियों की 'देह' पर जिंदा समाज मंदसौर।(धर्मवीर रत्नावत) जिस तरह देश में मंदसौर अफीम उत्पादन, तस्करी के लिए मशहूर है, उसी तरह नीमच, मंदसौर, रतलाम के कुछ खास इलाके भी बाछ... Read more

भारत सरकार का एक अल्पसंख्यक आयोग है । भारत सरकार का मानना है कि इस देश में अल्पसंख्यक सदा ख़तरे से घिरे रहते हैं । इस देश के लोग अल्पसंख्यकों को नष्ट करने पर तुले हुये हैं । इसलिये उनकी सुरक्षा के लिये अलग से व्यवस्था करना बहुत ज़रुरी है । अल्पसंख्यक आयोग भारत सरकार की इसी सोच का परिणाम है । जिन दिनों भारत में अंग्रेज़ों की सरकार थी , उन दिनों उस सरकार का भी लगभग यही मत था । तब उन्होंने अल्पसंख्यकों की रक्षा के लिये जिन्नाह को नियुक्त कर दिया था । जिन्ना ने अल्पसंख्यकों की रक्षा , पाकिस्तान की स्थापना करके की । पाकिस्तान को बने हुये लगभग सतासठ साल हो गये हैं । धीरे धीरे भारत सरकार का यह मत फिर दृढ़ होने लगा कि अब फिर अल्पसंख्यक असुरक्षित होने लगे हैं । लेकिन इस बार शायद लगा होगा कि अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का ज़िम्मा किसी अकेले जिन्ना को नहीं दिया जा सकता । वह अंग्रेज़ों का वक़्त था , यह सोनिया गान्धी का वक़्त है । बैसे भी एक अकेला , दो ग्यारह । इस लिये यह काम एक आयोग को सौंपा गया है । यही आयोग अल्पसंख्यक आयोग कहलाता है ।


 जैसे जिन्ना ने समय पाकर रंग दिखाना शुरु कर दिया था , उसी प्रकार   अब इस आयोग ने भी समय पाकर अपना रंग दिखाना शुरु कर दिया है । आयोग शायद यह मानता है कि अल्पसंख्यकों के अधिकार इस देश के लोगों से अलग हैं । इस लिये उसने 'अल्पसंख्यक अधिकार दिवस पुरस्कार' देने की एक नई परम्परा शुरु की है । अंग्रेज़ शासक भी भारतीय समाज को बाँटने के लिये नये नये हथकंडे अपनाते रहते थे । अल्पसंख्यक आयोग भी अंग्रेजों के उन्हीं आज़माये हुये रास्ते पर चल रहा है । इस बार आयोग ने यह अल्पसंख्यक अधिकार दिवस पुरस्कार ओडीशा के जनजातिय क्षेत्र कन्धमाल में विदेशी पैसे के बल पर जनजाति समाज के मतान्तरण के काम में लगे हुये एक पादरी अजय कुमार सिंह को देने का निर्णय किया है । कन्धमाल ज़िला काफ़ी संवेदनशील ज़िला माना जाता है । यहाँ कन्ध जनजाति के लोग रहते हैं । अंग्रेज़ों के समय से ही चर्च कन्धों को ईसाई मज़हब में मतान्तरित करने का प्रयास करता रहा है ।

 

कन्ध उसके इन प्रयासों का जी जान से विरोध करते आ रहे हैं । २००८ में चर्च ने माओवादियों की सहायता से कन्धों के देवतातुल्य महापुरुष स्वामी लक्षमणानन्द की हत्या कर दी थी । स्वामी जी चर्च के मतान्तरण आन्दोलन का सफलतापूर्वक विरोध कर रहे थे । उस समय कन्धों और ईसाई मिशनरियों में भयंकर दंगा फ़साद हुआ था और कई जानें भी गईं थीं । चर्च द्वारा स्थापित एक संस्था जन विकास परिषद इस पूरे विवाद में कन्धों के ग़ुस्से का शिकार हुई थी । क्योंकि चर्च विदेशी पैसे के प्रयोग से इसी संस्था की आड़ में मतान्तरण आन्दोलन चला रहा है । अजय सिंह नाम का यह पादरी मतान्तरण के आन्दोलन में अग्रणी तो था ही साथ ही स्वामी लक्षमणानन्द सरस्वती की हत्या के बाद कन्धों को सबक़ सिखाने के अभियान में सबसे आगे था । दरअसल कन्धमाल में कन्धों को प्रताड़ित करने और उन्हें घेरने में जो त्रिमूर्ती वहाँ सबसे ज़्यादा बदनाम है , उसमें जान दयाल , जो अपने आप को चर्च की किसी अखिल भारतीय परिषद का प्रधान भी बताता है ,  राधाकान्त नायक , जिस पर आरोप है कि उसने जनजाति का ग़लत प्रमाण पत्र देकर सरकारी नौकरी हासिल की और जो कन्धमाल को ईसाई बनाने के षड्यंत्र का मुख्य सूत्रधार माना जाता है और तीसरे यही पादरी अजय कुमार सिंह जो इन दोनों की योजनाओं को सफल बनाने के लिये फ़ील्ड वर्क करता है । इन तीनों की गतिविधियों को भुवनेश्वर में बैठा एक सज्जन राफ़ेल चीथाह नियंत्रित करता है , जो अपने आप को आर्कविशप कहता है और दिशा निर्देश के लिये इटली में वेटिकन से सम्पर्क बनाये रखता है । कन्धमाल में जनजाति समाज निरन्तर यह मांग करता रहता है कि इन चारों की गतिविधियों की जाँच करवाई जाये ।


सोनिया गान्धी ने ईसाई मत को फैलाने और जनजाति समाज में मतान्तरण को गति देने के पुरस्कार में इन में से एक राधाकान्त नायक को तो भारत की राज्य सभा में भेज कर पुरस्कृत किया , जान दयाल को अल्पसंख्यक आयोग के पुरस्कार का निर्णय करने वाले पैनल का सदस्य बना कर पुरस्कृत किया और जान दयाल ने पैनल की बैठक में अपने तीसरे साथी पादरी अजय कुमार सिंह का नाम अल्पसंख्यक पुरस्कार के लिये प्रस्तावित कर षड्यंत्र की अंतिम कड़ी को भी पूरा कर दिया । इस षड्यंत्र की कोई कड़ी कहीं से भी कमज़ोर न रह जाये , इस की ज़िम्मेदारी अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष वजाहत हवीबुल्लाह को करनी थी । हवीबुल्लाह जम्मू कश्मीर सरकार के मुख्य सचिव रह चुके हैं और जम्मू कश्मीर की स्थिति पर कुछ न कुछ लिखते रहते हैं । उस 'कुछ न कुछ' को पढ़ लिया जाये तो देश की रक्षा में प्राण न्योछावर करने के लिये तत्पर भारतीय सेना इस देश में रह रहे अल्पसंंख्यकों के लिये राक्षस और खलनायक है । अल्पसंख्यकों को सबसे बड़ा ख़तरा , उनके अनुसार भारतीय सेना से ही है । लेकिन हवीबुल्लाह और चर्च के रास्ते में अभी भी एक बाधा थी । पादरी अजय कुमार सिंह क्योंकि ओडीशा में मतान्तरण के काम में लगे हुये हैं , इस लिये पादरी के सिर पर ताज सजाने से पहले ओडीशा सरकार की राय लेना भी ज़रुरी था । ओडीशा सरकार ने अल्पसंख्यक आयोग के इस षड्यंत्र का विरोध कर दिया । उसने कहा कि पादरी के गले में पुरस्कार की यह माला पहनाने से जनजाति समाज की भावनाएँ भड़केंगी और कन्धमाल में फिर तनाव पैदा होगा , इसलिये पादरी को यह पुरस्कार नहीं देना चाहिये ।तब विवश होकर  वजाहत हबीबुल्लाह को भी अब अपने असली रुप में आना ही पड़ा । उन्होंने ओडीशा सरकार की राय को दरकिनार करते हुये कहा कि पादरी पर कोई केस दर्ज नहीं है । फिर शायद हबीबुल्लाह को ध्यान आया होगा कि हो सकता है पादरी के खिलाफ कोई केस भी निकल ही आये । इसलिये लगे हाथ उसका भी निपटारा कर दिया जाये । इसलिये उन्होंने यह भी जोड़ दिया कि यदि केस भी दर्ज हो , तब भी जब तक सजा न हो जाये तब तक उसे निर्दोष ही माना जायेगा ।


लेकिन असली प्रश्न इस के बाद शुरु होता है ? आख़िर कन्धमाल समाज , जनजातिय लोगों और ओडीशा सरकार के विरोध के बावजूद सोनिया गान्धी की सरकार का अल्पसंख्यक आयोग कुख्यात पादरी अजय सिंह के सिर पर यह मोर मुकुट सजाने के लिये वजिद क्यों है ?यहीं पूरे षड्यंत्र की गुत्थी छिपी हुई है ।  दरअसल चर्च को लगता था कि स्वामी लक्षमणानन्द सरस्वती की हत्या के बाद कन्धमाल का जनजाति समाज भयभीत और अनाथ हो जायेगा । इस भय और निराशा की स्थिति में वह चर्च के आगे आत्मसमर्पण कर देगा । स्वामी जी की हत्या का एक और संदेश भी था । जो भी चर्च के रास्ते में आयेगा , उसका यही हश्र होगा । यदि चर्च ने स्वामी लक्षमणानन्द सरस्वती जैसे व्यक्तित्व को नहीं बख़्शा तो आम कन्ध की क्या औक़ात हो सकती है ? लेकिन हुआ इस के विपरीत । स्वामी जी की शहादत ने कन्ध समाज का , चर्च द्वारा किये जा रहे मतान्तरण आन्दोलन का विरोध करने का संकल्प और पक्का कर दिया । पादरी अजय सिंह को पुरस्कार , कन्ध समाज के इसी आत्मबल और आत्मविश्वास को सरकारी सत्ता के बल पर तोड़ने का नया प्रयास है । चर्च का कन्ध समाज को संदेश स्पष्ट है । सोनिया गान्धी की सरकार हमारे साथ है । जो पादरी तुम्हारे लिये खलनायक है , वही पादरी सोनिया गान्धी के योजनाकारों के लिये नायक है । तुम अपनी लड़ाई किसके बलबूते पर लड़ोगे ? इस देश की जनता को यही उत्तर देना होगा । भारत भारतीयता की लड़ाई किसके बलबूते लड़ेगा ? यहाँ तक सोनिया गान्धी की सरकार का सवाल है , उसने अपना स्टैंड साफ़ कर दिया है । वह पादरी के साथ है ।


लेकिन एक उत्तर वजाहत हबीबुल्लाह के प्रश्न का भी । हबीबुल्लाह का कहना है कि पादरी के खिलाफ कोई केस किसी अदालत में नहीं चल रहा । हबीबुल्लाह स्वयं अच्छी तरह जानते हैं कि जिस प्रकार के प्रश्नों और मुद्दों की लड़ाई वे स्वयं और चर्च अल्पसंख्यक आयोग की ढाल में लड रहा है , उसके निर्णय अदालतों के केसों से नहीं होते । जिन्नाह पर भी किसी अदालत में केस नहीं चल रहा था , लेकिन उन्होंने अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा देश को तोड़ कर की । हबीबुल्लाह तो कश्मीर घाटी में रह कर ही नहीं आये बल्कि वहाँ जो चल रहा है , उसको लेकर सरकारी निर्णयों में उनकी भी भागीदारी रही है । अल्पसंख्यकों की रक्षा के नाम पर वहाँ से लाखों हिन्दु भगा दिये गये , उन भगाने वालों में से किसी पर किसी भी अदालत में क्या कोई केस चल रहा है ? केस नहीं चल रहा , इसलिये हबीबुल्लाह की नज़र में तो वे निर्दोष ही होंगे । हो सकता है इस बार पादरी के बाद अगली बार हबीबुल्लाह कश्मीर के किसी ऐसे ही मौलवी को अल्पसंख्यक अधिकार पुरस्कार दे दें , जो घाटी में रात को मस्जिद में लाऊडस्पीकर लगा कर हिन्दुओं को कश्मीर छोड़ने का अल्टीमेटम दे रहा था । प्रश्न हबीबुल्लाह या जान दयाल का नहीं है और न ही पादरी अजय सिंह का है । क्योंकि ऐसे लोग हर काल में हर सरकार को अपने एजेंडा को पूरा करने के लिये मिल ही जाते हैं । सोनिया गान्धी की सरकार पर्दे के पीछे से आख़िर भारत को लेकर किस तस्वीर में रंग भर रही है ? स्वामी लक्षमणानन्द सरस्वती की हत्या के पाँच साल बाद एक बार फिर कन्धमाल फ़ोकस में है ।

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