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जिंक ने किया करोड़ो रूपयों का भूमि घोटाला जिंक ने किया करोड़ो रूपयों का भूमि घोटाला   देश की सुरक्षा की दृष्टी से बनी कंपनी मेटल मेटल कॉरपोरेशन ऑफ  इण्डिया (हिदुस्तान जिंक) के विनिवेश के मामले में सीबीआई कार्यालय जोधप... Read more
सरकारी खजाने पर डाका, विधवा एक पेंशन दो सरकारी खजाने पर डाका, विधवा एक पेंशन दो   चित्तौडग़ढ़। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी पेंशन योजनाओं में जरूरतमंदों को लाभ मिल रहा है या नहीं यह कहना तो मुश्किल है, लेकिन इतना जरूर ... Read more
मुस्लिम राष्ट्रीय मंच मुस्लिम राष्ट्रीय मंच मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के राष्ट्रीय संगठन संयोजक गुजरात में ज़मीनी स्तर पर ठोस कार्य करते हुए, साथ में सहसंयोजक श्री गनी कुरैशी जी भी है। Read more
 ब्रिक सम्मेलन में चीन के सामनें मनमोहन सिंह के मौन के मायनें? ब्रिक सम्मेलन में चीन के सामनें मनमोहन सिंह के मौन के मायनें?     मनमोहन सिंह क्यों मौन रहे चीन के सामनें?   पिछले दिनों हमारें प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह ने डरबन में ब्रिक्स शिखर... Read more
सलमान खुर्शीद किस देश के विदेश मंत्री हैं सलमान खुर्शीद किस देश के विदेश मंत्री हैं  लद्दाख में चीन की जन मुक्ति सेना की घुसपैठ और भारतीय क्षेत्र के बीस किलोमीटर ( पहले सूचना यह थी कि दस किलोमीटर के अन्दर) अन्दर आकर अपनी चौकिय... Read more
अनिल गोयल की ‘माँ: भाव यात्रा’ प्रदर्षनी अनिल गोयल की ‘माँ: भाव यात्रा’ प्रदर्षनी   4 से 7 अप्रैल तक उज्जैन की कालिदास वीथिका में उज्जैनवासी देख सकेंगे माता-पिता, बुज़ुर्गों पर केन्द्रित मार्मिक कविता पोस्टर प्... Read more
एक संविधान, फिर दो विधान क्यों? एक संविधान, फिर दो विधान क्यों? भारतीय संविधान का अनुच्छेद 14 चीख चीख कर कहता है कि भारत में सभी लोगों को कानून के समझ समान समझा जायेगा और सभी लोगों को कानून का समान संरक्षण प्राप... Read more
 नमो को हिटलर कहनें वाले पहले आपातकाल का स्मरण करें नमो को हिटलर कहनें वाले पहले आपातकाल का स्मरण करें   वर्तमान में चल रहे लोकसभा चुनाव पिछले सभी आम चुनावों से कई दृष्टियों से भिन्न भी हैं Read more
अल्पसंख्यक आयोग द्वारा ओडीशा में साम्प्रदायिक तनाव पैदा करने की साज़िश भारत सरकार का एक अल्पसंख्यक आयोग है । भारत सरकार का मानना है कि इस देश में अल्पसंख्यक सदा ख़तरे से घिरे रहते हैं । इस देश के लोग अल्पसंख्यकों को नष... Read more
जम्मू कश्मीर की अनकही कहा जम्मू कश्मीर की अनकही कहा जून और जुलाई का महीना भारत के राष्ट्रवादी आन्दोलन के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखता है । २३ जून १९५३ को डा० श्यामा प्रसाद मुखर्जी का श्रीनगर की ज... Read more
 रमज़ान सन्देश से लेकर कुत्ते के बच्चे के बीच भटकती सोनिया कांग्रेस रमज़ान सन्देश से लेकर कुत्ते के बच्चे के बीच भटकती सोनिया कांग्रेस रमज़ान का पवित्र महीना शुरु हो गया है । यह महीना हिजरी सम्वत का नौवाँ मास है और ईस्वी सम्वत के हिसाब से नौ जुलाई को शुरु हुआ है । इस महीने में मुसल... Read more
भारतीय भाषाओं का मोर्चा:गूँगे राष्ट्र को बोलने हेतु प्रेरित करने की लड़ाई अन्ततः दिल्ली पुलिस ने श्याम रुद्र पाठक को आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा १०५ और १०७ के अन्तर्गत गिरफ़्तार कर ही लिया । पाठक पिछले २२५ दिनों से स... Read more
खुली आंखों में सपने रातें बीयर बार के हवाले खुली आंखों में सपने रातें बीयर बार के हवाले मुंबई। आठ वर्षों से रोजी रोटी के संकट से झुझ रही बार बालाओं के 'डांस बारÓ को लेकर उच्चन्यायालय के फैसले ने बार बालाओं की चमक लौटा दी ... Read more
पिता के बाद पुत्र का कारनामा पिता के बाद पुत्र का कारनामा पीडि़त महिला फरियाद लेकर पहुंची पुलिस की शरण में इंदौर। आसाराम के बाद अब उनका लड़का नारायण सांई के खिलाफ भी एक परिवाद पेश किया जा रहा है। यह पर... Read more
औंकारेश्वर में बाबा बनाम डकैत-४ औंकारेश्वर में बाबा बनाम डकैत-४ जिसने सहयोग किया उसी की पीठ पर छूरा घोपा संजय ने नकली बाबा के कारनामों से लोगों में भारी रोष औंकारेश्वर। मां नर्मदा बने एक आश्रम में बने चौ... Read more
आष्टा,सिहोर,गुना के लीडरों से कड़ी पूछताछ जरुरी आष्टा,सिहोर,गुना के लीडरों से कड़ी पूछताछ जरुरी राधेश्याम सोलंकी,भरत ठाकुर, जयंत जोशी,अशोक पाटीदार,हेमंत चतुर्वेदी,मनीष जैन कर रहे हैं एसटीएफ को  गुमराह भोपाल। ईवमिरेकल ज्वेलर्स कंपनी... Read more
क्विंटलों व किलो से सोना है आडवाणी व आर.के.धवन के पास  क्विंटलों व किलो से सोना है आडवाणी व आर.के.धवन के पास जगदीश जोशी 'प्रचंड  ' नई दिल्ली। काला धन स्वीस बैंक में जमा होने व नेताओं को घेरने की बात पर आंदोलन खड़ा कर 'आप ' के सर्वेसर... Read more
दो लाख करोड़ का खनन घोटाला दो लाख करोड़ का खनन घोटाला देवास जिले में रेत माफिया का राज भोपाल। शिवराज के राज में माइनिंग माफिया ने बेल्लारी की लूट के रिकार्ड भी तोड़ दिए हैं। बीते 10 साल में मप्र... Read more
कांग्रेस गुटबाजी में तो भाजपा मंत्री विधायकों के आचरण और भ्रष्टाचार को लेकर कठघरे में कांग्रेस गुटबाजी में तो भाजपा मंत्री विधायकों के आचरण और भ्रष्टाचार को लेकर कठघरे में भोपाल। इस बार के चुनाव में मध्यप्रदेश पर कांग्रेस आलाकमान की विशेष निगाह है Read more
मध्यप्रदेश शासन द्वारा वरिष्ठ पत्रकारों को श्रद्धनिधि देने का कार्यक्रम इंदौर प्रेस क्लब में संपन्न हुआ। मध्यप्रदेश शासन द्वारा वरिष्ठ पत्रकारों को श्रद्धनिधि देने का कार्यक्रम इंदौर प्रेस क्लब में संपन्न हुआ। मध्यप्रदेश शासन द्वारा वरिष्ठ पत्रकारों को श्रद्धनिधि देने का कार्यक्रम इंदौर प्रेस क्लब में संपन्न हुआ। Read more
जिंदा इंसान को बनाया मुर्दा जिंदा इंसान को बनाया मुर्दा   पीडि़त सुरतानसिंह राजेस पयासी (वकील) यदि ऐसा मा... Read more
औंकारेश्वर में बाबा बनाम डकैत -2 औंकारेश्वर में बाबा बनाम डकैत -2 करोड़ों की जमीन से आया रुपया ब्याजखोरी में लगाया औंकारेश्वर। लाखों रुपया एठने वाले औंकारेश्वर के कथित Read more
देवास में की गई शिकायत से खुल सकता है लीडरों का मायाजाल देवास में की गई शिकायत से खुल सकता है लीडरों का मायाजाल ठगौरों का महानगर बनते जा रहे इंदौर में प्रशासन कोई खास कार्यवाही नहीं कर पाया अलबत्ता Read more
देवास,सिहोर पुलिस कप्तान की नजरों से ओझल दगाबाज लीडर देवास,सिहोर पुलिस कप्तान की नजरों से ओझल दगाबाज लीडर आखिर यह भरत ठाकुर,बाबूलाल जयंत,मनीष कौन है? राधेश्याम सोलंकी,         Read more
मेडम मोहिनी की माया... मेडम मोहिनी की माया... मेडम मोहिनी की माया... उत्कृष्ट को सजा और... निकृष्ट को  आशीर्वाद की छाया   -सेवानिवृत को भी बना  दिया संकुल प्रभारी  ... Read more
हिन्दूस्तान समाजवादी प्रजातंत्र सेना के पत्र से सनसनी हिन्दूस्तान समाजवादी प्रजातंत्र सेना के पत्र से सनसनी अमिताभ,मुलायमसिंह और सोनिया के पास है क़्वींटल सोना! आप पार्टी के सर्वे सर्वा अरविन्द केजरीवाल व योग गुरु बाबा रामदेव पर अपनी-अपनी दुकान चमकाने... Read more
सुविधाएं बेजार, यात्री लाचार सुविधाएं बेजार, यात्री लाचार निर्धारित किराए से अधिक वसूली होती है निजी बसों में (रतलाम कार्यालय) रतलाम । एक दशक पहले प्रदेश में सड़क परिवहन निगम की बसें बंद होने के बाद ... Read more
सोने की चाह लगाने वालो नई लगाया चुना सोने की चाह लगाने वालो नई लगाया चुना राधेश्याम सोलंकी, भरत, जयंत जोशी  मनीष जैन एसटीएफ के निशाने पर..   जगदीश जोशी 'प्रचंड ' भोपाल। आम आदमी को फटाफट अम... Read more
मेंडम नें मंगाई रिश्वत मेंडम नें मंगाई रिश्वत मेंडम नें मंगाई रिश्वत युवक से अनुकंपा नियुक्ति के नाम पर ले रहा था पांच हजार की रिश्वत, आदिवासी विकास विभाग की सहायक आयुक्त भी संदेह के घेरे ... Read more
कांग्रेस बेलगाम, दर्जनों दावेदार कांग्रेस बेलगाम, दर्जनों दावेदार  कांग्रेस बेलगाम, दर्जनों दावेदार बड़े नेताओं का अभाव दूसरा पंक्ति में नेताओं की कतार रतलाम से अनिल पांचाल विधानसभा चुनाव सिर पर है... Read more
पुँछ में पाकिस्तानी हमला और रक्षामंत्री का आचरण पुँछ में पाकिस्तानी हमला और रक्षामंत्री का आचरण जम्मू कश्मीर में पुँछ सेक्टर में पाकिस्तानी सैनिकों ने पांच और छह अगस्त की मध्य रात्रि को नियंत्रण रेखा के भीतर गश्त लगा रही भारतीय सैनिक टुकड़ी पर... Read more
कांग्रेस और भाजपा में नम्बर वन की तलाश कांग्रेस और भाजपा में नम्बर वन की तलाश रतलाम से अनिल कुमार रतलाम। हाल ही में जनता को लम्बे समय के बाद दर्शन देकर लौटे प्रदेश के मुख्यमंत्री ने लगभग शहर विधानसभा क्षेत्र में चुनावी बि... Read more
आहत जनता का आक्रोश भी अब जरूरी आहत जनता का आक्रोश भी अब जरूरी 67 वां स्वाधीनता दिवस स्वतंत्रता दिवस की क्रमवार गिनती में एक और वर्ष का इजाफा,सबकुछ भुलकर जश्न मनाने का एक और भारतीय दिन...लेकिन क्या सही म... Read more
तिब्बत के भीतर आजादी का आंदोलन तिब्बत के भीतर आजादी का आंदोलन तिब्बत के भीतर आजादी का आंदोलन कभी समाप्त नहीं हुआ। कभी प्रत्यक्ष और कभी प्रच्छन्न उसकी तपश बीजिंग तक पहुंचती ही रही। 2009 में स्वतंत्रता के लिए सं... Read more
तिब्बत की आजादी में भारत की सुरक्षा तिब्बत की आजादी में भारत की सुरक्षा नई दिल्ली। भारत तिब्बत सहयोग मंच की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक नई दिल्ली स्थित दीन दयाल शोंध संस्थान में आयोजित हुई जिसमें 19 प्रांतों क... Read more
तिब्बतःएक अवलोकन तिब्बतःएक अवलोकन क्षेत्रफल : २५ लाख वर्ग कि० मी० जो वर्तमान चीन के कुल क्षेत्रफल का २६.०४ प्रतिशत हैं। राजधानी : ल्हासा जनसंख्या : ६० ला... Read more
आरएसएस को राम मंदिर बनाने का अधिकार नहीं आरएसएस को राम मंदिर बनाने का अधिकार नहीं    'आरएसएस को राम मंदिर बनाने का अधिकार नहीं' भोपाल। आरएसएस अथवा किसी ऐसे दलको अयोध्या में भगवान राम का... Read more
चुनाव पूर्व गोविंदाचार्य खेल सकते है नया दांव चुनाव पूर्व गोविंदाचार्य खेल सकते है नया दांव नई दिल्ली । आगामी लोकसभा चुनाव में सत्त्ता सुख भोगने का सपना सजाए बैठी भाजपा की राह में रोडे अटकाने वालों की कमी नहीं है। भाजपा का अंतरकलह पार... Read more
पत्रकारिता से मीडिया तक वरिष्ठ पत्रकार मनोज कुमार की नई किताब पत्रकारिता से मीडिया तक वरिष्ठ पत्रकार मनोज कुमार की नई किताब वर्तमान में पत्रकारिता हाशिये पर है और मीडिया शब्द चलन में है.पत्रकारिता के गूढ़ अर्थ और मीडिया की व्यापकता को रेखांकित करता मध्यप्रदेश क... Read more
राम की मर्यादा कृष्ण का कर्म और कुसुम की खुशबु है मंत्री कुसमरिया में राम की मर्यादा कृष्ण का कर्म और कुसुम की खुशबु है मंत्री कुसमरिया में देखने, सुनने और बतियाने के बाद किसी भी एंगल से वे राजनेता नहीं लगते। कपाल पर बड़ा सा सिंदूरी टीका, सिर और दाड़ी के रंगे हुए सुनहरी काले गहरे ब... Read more
कॉलोनाइजर पर 1.13 करोड़ का जुर्माना कॉलोनाइजर पर 1.13 करोड़ का जुर्माना धार :बगैरअनुमति कालोनी विकास करने वालों कालोनाईजरों पर राज्य सरकार और जिला प्रशासन की गाज लगातार गिर रही है। इसी कड़ी में धार शहर में बगैर विक... Read more
जब आस्था में लगे सेक्स व हुस्न के तड़के! जब आस्था में लगे सेक्स व हुस्न के तड़के! नई दिल्ली: धर्म की आड़ में लोगों को धोखा देना आज के समय में काफी आसान है, क्योंकि हम देशवासी दिमाग से नहीं बल्कि दिल से धर्म को जोड़कर रखते है... Read more
ये कांग्रेस के कुंभकर्ण है ये कांग्रेस के कुंभकर्ण है   इंदौर।मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया प्रदेष कांग्रेस में जान फंकने में लगे है लेकिन प्रदेष के कई पदाधिकारियों... Read more
अब भी सुलग रहा है भोजशाला मसला अब भी सुलग रहा है भोजशाला मसला अब भी सुलग रहा है भोजशाला मसलाएत पंचमी के दिन धार जिले की भोजशाला में हंगामे और उपद्रव के बीच पूजा के साथ नमाज अता फरमाने की रस्म पूरी हो जाने पर म... Read more
बोले तो आसाराम बोले तो आसाराम 90 के दशक में धर्मप्रेमी जनता के लिए आशा की किरण बन कर उभरे आसाराम बापू एक दशक बाद ही बदनामी के दाग अपनी आभा पर लगवा चुके हैं। आश्रम में बच्चो... Read more
बेटियों की 'देह' पर जिंदा समाज बेटियों की 'देह' पर जिंदा समाज मंदसौर।(धर्मवीर रत्नावत) जिस तरह देश में मंदसौर अफीम उत्पादन, तस्करी के लिए मशहूर है, उसी तरह नीमच, मंदसौर, रतलाम के कुछ खास इलाके भी बाछ... Read more

 लद्दाख में चीन की जन मुक्ति सेना की घुसपैठ और भारतीय क्षेत्र के बीस किलोमीटर ( पहले सूचना यह थी कि दस किलोमीटर के अन्दर) अन्दर आकर अपनी चौकियाँ बना लेने की घटना को हुये आधा महीना बीत चुका है । 

 

लेकिन इस पूरे प्रकरण पर भारत के विदेशमंत्री सलमान ख़ुर्शीद जो बोल रहे हैं , यदि उसे चीनी भाषा में डब करके सुनाया जाये और चैनल पर यह न बताया जाये कि भारत के विदेश मंत्री बोल रहे हैं , तो यक़ीनन कोई भी यह समझेगा कि बोलने बाला चीन का विदेश मंत्री है जो पूरे प्रकरण पर चीन का पक्ष दुनिया के समझा रहा है । लेकिन उनकी शक्ल हान चीनियों से नहीं मिलती , इस लिये सुनने वाले चीन की तारीफ़ भी कर सकते हैं कि शायद चीन ने पहली बार सिक्यांग प्रान्त से किसी को अपना विदेशमंत्री नियुक्त किया है । वे नौ मई को चीन की यात्रा पर जा रहे हैं । सारा देश मांग कर रहा है कि सलमान को अपनी यह यात्रा रद्द कर देनी चाहिये , लेकिन खुर्शीद भाई की चीन भक्ति का आलम यह है कि उसके आगे कृष्णा मेनन भी बौने लगते हैं । ख़ुर्शीद भाई कहते हैं कि चीन के साथ बातचीत का तंत्र काफ़ी मेहनत से तैयार हुया है और यह लम्बी अरसे से ठीक काम कर रहा है और इसके सही नतीजे भी आ रहे हैं । इसलिये इसे इस छोटी सी स्थानीय घटना के कारण त्यागा नहीं जा सकता ।

 

लम्बे अरसे से चीन के साथ सही दिशा में चल रही बातचीत का सबसे बड़ा सही नतीजा फ़िलहाल तो यही आया है कि चीन की मुक्ति सेना भारत के बीस  किलोमीटर अन्दर अपनी चौकियां बना कर बैठी है । बैसे देश को सलमान खुर्शीद का शुक्रगुज़ार होना चाहिये कि उन्होंने यह कहना नहीं शुरु कर दिया कि यह साधारण सेना नहीं है , बल्कि यह तो मुक्ति सेना है जो लोगों को शोषण से मुक्त करवाने आई है , इसलिये चिन्तित होने की ज़रुरत नहीं है । वे ऐसा भी कह देते तब भी उनका कोई क्या बिगाड़ लेता ? हो सकता था सी.पी.एम पुन: सरकार को समर्थन देना शुरु कर देती । सी. पी.एम के मित्र सुन रहे हैं कि नहीं ? खुर्शीद भाई का सबसे ज़्यादा ज़ोर इस घटना को स्थानीय महत्वहीन घटना सिद्ध करने में लगा हुआ है । क्या खुर्शीद सचमुच यह विश्वास करते हैं कि भारतीय सीमा के बीस किलोमीटर अन्दर आकर चौकियाँ स्थापित करने का निर्णय चीनी सेना के सीमा पर तैनात किसी छोटे मोटे अधिकारी ने ले लिया होगा और इसका बीजिंग से कोई सम्बध नहीं है ? अब उनको लगता है कि जब वे नौ मई को बीजिंग में जाकर बड़े अधिकारियों से 'इस छोटे मोटे अधिकारी' की शिकायत करेंगे तो चीन सरकार उसे डाँटेगी और वह अपने तम्बू समेट कर वापिस अपने इलाक़े में चला जायेगा ? बैसे अब चीन सरकार ने इस घटना पर बोलना प्राय बन्द कर दिया है । उनको लगता होगा , जब अपने सलमान खुर्शीद बोल रहे हैं तो उन्हें बोलने की क्या ज़रुरत है ।

 


सलमान  खुर्शीद की बिरादरी ( बिरादरी का मजहबी अर्थ न लिया जाये , इसका अर्थ विदेश नीति के आलिम फाजिल लोगों से है ) के लोगों का दिल्ली में इस समय एक ही तर्क है । क्या इस घटना पर चीन से लड़ाई की घोषणा कर दें ? आलिम फाजिल जानते हैं कि १९६२ में चीन के हाथों हारा हुआ देश , कितना भी ग़ुस्से में क्यों न हो , इस प्रश्न पर अपने आप चुप्पी साध लेगा । यह चुप्पी इसलिये भी निश्चित लगती है कि १९६२ के बाद भी क्या भारत ताक़त के महाज पर चीन के समकक्ष हो गया है , यह अभी भी बहस का विषय है । परन्तु देश सलमान खुर्शीद और उनकी बिरादरी के लोगों को चीन पर हमला करने के लिये बिलकुल नहीं कह रहा । देश तो यह कह रहा है कि इस वक़्त विदेश मंत्री चीन की तथाकथित सद्भावना यात्रा पर न जायें क्योंकि चीन पहले ही जिस प्रकार की सद्भावना लद्दाख में दिखा रहा है , हो सकता है , उनकी यात्रा के बाद वह इस प्रकार की ज़्यादा सद्भावना दिखाना शुरु कर दे ? क्योंकि उसे इतना तो समझ आ ही गया है कि भारत के खुर्शीदों और एंथोनियों के लिये इस प्रकार की घटना सदा स्थानीय घटना ही रहेगी । स्थानीय घटनाओं के हल तो मुहल्ला समितियों की फलैग बैठकों में निकाले जाते हैं राजधानियों में उन पर चर्चा नहीं होती । इस से चर्चा करने वालों की तौहीन होती है । देश को शक है कि अब जब खुर्शीद बीजिंग जा ही रहे हैं , वे वहाँ इस स्थानीय घटना की चर्चा भी करेंगे या अपने रुतबे की तौहीन के डर से , सारा कीमती समय चीन के प्रधानमंत्री की भावी भारत यात्रा के छोटे छोटे विवरणों को तैयार करने में ही ख़र्च करेंगे ?

 

जब हम सलमान खुर्शीद को ही चीन जाने से नहीं रोक सकते तो भारत सरकार से यह आशा करना कि वह चीन के प्रधानमंत्री को फ़िलहाल अपनी भारत यात्रा रोकने के लिये कहेगा , शेरनी का दूध माँगने के समान होगा । दिल्ली के साउथ ब्लाक ने चीन पर गहरी नज़र रखने के लिये जो दल बना रखे हैं , और जो समय असमय सरकार को चीन के साथ किस प्रकार व्यवहार करना चाहिये , इसकी सलाह देते हैं , उनमें से बहुत से आचार्य अब यह तर्क दे रहे हैं कि दौलत बेग ओल्डी तक चीन के आ जाने में चीन का दोष नहीं है , क्योंकि चीन सचमुच यह समझता है कि उसकी सीमा इससे भी कहीं आगे है । उनके अनुसार चीन का यह प्रसैप्शन ग़लत हो सकता है , लेकिन क्योंकि वह इस ग़लतफ़हमी का शिकार है , इससे लिये दौलत बेग तक आने में उसे दोषी नहीं ठहराया जा सकता । शुक्र है साउथ ब्लाक के इन सलाहकार आचार्यों ने चीन को इससे भी आगे आने का निमंत्रण नहीं दे दिया । कम से कम वे वहाँ तक तो आ ही जायें , यहाँ तक उनके अपने प्रसैप्शन के मुताबिक़ उनकी सीमा है । चीन के इन प्रसैप्शनों पर इसी प्रकार की उलटी सीधी बातें करने बाले उस समय के प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरु को राम मनोहर लोहिया ने कहा था कि लद्दाख से जम्मू होते हुये , चीन दिल्ली में आपके दरवाज़े तक पहुँच जायेगा , क्या तब आपकी आँख खुलेगी ?


 

देश का दुर्भाग्य है कि संकट की इस घड़ी में दिल्ली में निर्णय लेने वाला कोई नहीं है । जिन दिनों नेहरु प्रधानमंत्री थे , उन दिनों वे स्वयं निर्णय लेने में सक्षम थे । निर्णय ग़लत था या ठीक था , यह विवादास्पद हो सकता था , लेकिन निर्णय होता था । लालबहादुर शास्त्री भी निर्णय लेने में सक्षम थे । इंदिरा गान्धी ने तो अमेरिका की भी परवाह न करते हुये बंगलादेश का निर्माण करवा दिया था । मोरारजी भाई , अटल विहारी वाजपेयी  तक सभी प्रधानमंत्री निर्णय ले सकते थे , क्योंकि वे अपने अपने राजनैतिक दलों का नेतृत्व करते थे और वहाँ से शक्ति ग्रहण करते थे । राजनैतिक दलों की शक्ति का आधार देश की जनता होता है । लेकिन इस समय जो सज्जन प्रधानमंत्री के पद पर विराजमान हैं वे उस राजनैतिक दल के नेता भी नहीं हैं , जिसने उन्हें प्रधानमंत्री बनाया है । इसके कारण उनके पास निर्णय लेने की शक्ति का कोई आधार नहीं है ।

 

तब प्रश्न है कि इस समय देश में निर्णय लेने की नैतिक या सांविधानिक शक्ति किसके पास है ? क्या सोनिया गान्धी के पास ? उपर से देखने पर लग सकता है कि यह शक्ति उनके पास है । लेकिन उनका विदेशी मूल का होना उनके रास्ते की सबसे बड़ी , सांविधानिक न सही , मनोवैज्ञानिक बाधा तो है ही । ऐसी स्थिति में कोई भी व्यक्ति अपने इर्द गिर्द विश्वस्त सलाहकारों की देशी टोली एकत्रित करेगा जो महत्वपूर्ण  मामलों में सलाह दे सके । सोनिया गान्धी ने भी ऐसा ही किया हुआ है । राजनैतिक निर्णयों के लिये इस टोली में राजनैतिक व्यक्ति ही हो सकतें हैं । अब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह राजनैतिक व्यक्ति तो हैं नहीं , इस लिये वे सोनिया गान्धी की निर्णय लेने में सक्षम टीम का हिस्सा नहीं हो सकते । उनको केवल निर्णय पर हस्ताक्षर भर करने होते हैं और वे बेचारे पूरी ईमानदारी से ऐसा करते रहते हैं । विदेशी मूल के कारण सोनियागान्धी ख़ुद भी निर्णय नहीं ले सकती । इसलिये सारी ताक़त इस टोली के हाथ में आ जाती है , जिसमें कुछ नौकरशाह , व्यक्तिगत मित्र और कुछ राजनैतिक लोग हैं । इस समय सोनिया गान्धी की उस टोली में कौन कौन लोग हैं ? चीन की सेना की जो घुसपैठ हो रही है , उस पर भारतीय प्रतिक्रिया को समझने के लिये यह ज़रुरी है ।

 

इस टोली में सलमान खुर्शीद ़ ,ए.के.एंटोनी, ग़ुलाम नबी आज़ाद,अहमद पटेल , विसेंट जार्ज, शकील अहमद इत्यादि लोग शामिल हैं । यह सोनिया की किचन कैबीनट के लोग हैं और वे जो निर्णय ले सकते हैं ले रहे हैं । यही कारण है कि सलमान खुर्शीद चीन की सफाई देते हुये देश में घूम रहे हैं और उन्हें रोकने वाला कोई नहीं है । चीन भी भारत में निर्णय के इस संकट को समझ ही रहा होगा ? इसलिये उसने दौलतपुर बेग में अब अपनी पाँचवीं 'स्थानीय'चौकी स्थापित कर ली है और चौकियों की रक्षा के लिये चीनी कुत्ते भी लगा दिये हैं । भारत की सीमा के भीतर चीनी सैनिक और और चीनी कुत्ते दोनों ही भौंक रहे हैं और हमारे शेर सलमान खुर्शीद चीन के प्रधानमंत्री की अगवानी करने के लिये बीजिंग जाने के लिये नये कपड़े सिलवा रहें हैं ।

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